कट्ठा से बीघा
1 बीघा = 5 से 20 कट्ठा, राज्य के अनुसार। असम से बिहार तक 6 राज्यों की पूरी तालिका। सूत्र, क्षेत्रीय भिन्नताएँ और सत्यापन की सलाह शामिल।
संक्षिप्त उत्तर
राज्यवार आँकड़े — कट्ठा से बीघा
| राज्य | 1 बीघा (वर्ग फुट) | एक बीघा में कट्ठा |
|---|---|---|
| Madhya Pradesh | 12,000 | 20 |
| Chhattisgarh | 12,000 | 20 |
| West Bengal | 14,400 | 20 |
| Assam | 14,400 | 5 |
| Bihar | 27,225 | 20 |
| Jharkhand | 27,225 | 20 |
बीघा कोई मानक इकाई नहीं है
यह आमतौर पर उद्धृत अनुमानित आँकड़ा है — किसी भी सौदे से पहले अपने राज्य या ज़िले के भू-राजस्व विभाग से सही स्थानीय मान की पुष्टि करें।जिन राज्यों में यह उप-इकाई प्रचलित नहीं है, उन्हें तालिका से बाहर रखा गया है — मनगढ़ंत आँकड़ा देने से बेहतर है कि कुछ न कहा जाए।
कट्ठा से बीघा? पूरा जवाब
कट्ठा से बीघा का कोई एक राष्ट्रीय उत्तर नहीं है। उत्तर 5 से 20 के बीच बदलता है, और यह पूरी तरह इस पर निर्भर करता है कि ज़मीन किस राज्य में है। असम में यह 5 बनता है, जबकि बिहार में 20 — यानी लगभग 4 गुना का फ़र्क़। इसकी वजह साफ़ है: एकड़ पूरी दुनिया में ठीक 43,560 वर्ग फुट पर तय है, लेकिन बीघा एक पारंपरिक इकाई है जिसे हर राज्य ने अलग परिभाषित किया है। कई राज्यों में तो एक ही राज्य के भीतर पक्का और कच्चा बीघा, या पहाड़ी और मैदानी ज़िलों के अलग-अलग माप चलते हैं। इसलिए किसी भी सौदे में यह पक्का करना ज़रूरी है कि विक्रेता किस परंपरा की बात कर रहा है। ये आमतौर पर उद्धृत संदर्भ मान हैं, क़ानूनी मानक नहीं — मान्य वही क्षेत्रफल होगा जो आपके ज़िले के भू-राजस्व कार्यालय में दर्ज है। अंतिम जाँच: 2026-08-03।
सवाल-जवाब
कट्ठा से बीघा — उत्तर प्रदेश में?
उत्तर प्रदेश में यह लगभग 20 बनता है, वहाँ के पक्के बीघा (12,000 वर्ग फुट) के आधार पर। पश्चिमी यूपी में छोटा पाँच-बिस्वा बीघा भी चलता है, इसलिए भरोसा करने से पहले ज़िला स्तर पर पुष्टि करें।
कट्ठा से बीघा — पश्चिम बंगाल में?
पश्चिम बंगाल में यह लगभग 20 है, क्योंकि वहाँ का बीघा 14,400 वर्ग फुट का है — देश के सबसे छोटे बीघों में से एक। असम में बीघा वही है, पर वह पाँच कट्ठों में बँटता है, बीस में नहीं।
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अपना राज्य चुनें और कोई भी मात्रा डालें — नतीजा तुरंत मिलेगा।
यह आमतौर पर उद्धृत अनुमानित आँकड़ा है — किसी भी सौदे से पहले अपने राज्य या ज़िले के भू-राजस्व विभाग से सही स्थानीय मान की पुष्टि करें।